
कलेक्टर की जनसुनवाई में पंचायत जांच दल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
पांढुरना।
कलेक्टर की जनसुनवाई के दौरान ग्राम आजनगांव, ग्राम पंचायत देवखापा निवासी ज्ञानेश्वर पिता आनंदराव गजभिये ने जिला कलेक्टर नीरज वशिष्ठ के समक्ष ग्राम पंचायत में हुए लाखों रुपये के भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
शिकायतकर्ता ज्ञानेश्वर गजभिये ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में ग्राम पंचायत में निर्माण एवं अन्य कार्यों में लगभग 14 लाख रुपये के भ्रष्टाचार की शिकायत की गई थी, लेकिन जनपद पंचायत द्वारा गठित जांच दल के प्रमुखों ने मामले में लीपापोती करते हुए नाममात्र की राशि की रिकवरी दिखाकर प्रकरण को दबा दिया।

उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत देवखापा में निर्मित सामुदायिक शौचालय पर शासन से 3 लाख 44 हजार रुपये की स्वीकृत राशि पहले ही खर्च की जा चुकी थी। इसके बावजूद सचिव, सरपंच एवं जांच दल की मिलीभगत से उसी शौचालय पर दोबारा 1 लाख 72 हजार रुपये की राशि फर्जी बिलों के माध्यम से आहरित कर गबन किया गया।
इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी छिंदवाड़ा एवं पांढुरना को शिकायत की गई थी, जिस पर सहायक यंत्री एवं बीपीओ के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच दल गठित किया गया। लेकिन जांच रिपोर्ट के बिंदु क्रमांक 8 में एक ही सामुदायिक शौचालय पर दोबारा राशि आहरण एवं गबन का कोई उल्लेख नहीं किया गया। साथ ही 1,72,000 रुपये की कथित वसूली का भी जांच प्रतिवेदन में कोई स्पष्ट विवरण नहीं है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच दल के सदस्यों ने अपने पद और शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए सचिव एवं सरपंच को बचाने का प्रयास किया, जिससे जांच प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध की गई।
ग्रामीणों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच कर भारतीय न्याय संहिता के तहत दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
